रविवार, 5 अप्रैल 2009

मायावती और मदर टेरेसा

मायावती जी....उत्तर-प्रदेश की मुख्यमंत्री.....हमेशा कुछ न कुछ ऐसा कर देतीं हैं कि सुर्खियों में आ ही जातीं हैं। अब आज का उनका बयान ही लीजिये. राजनीति में जबरन मेनका गांधी के मातृत्व पर ही उंगली उठा दी। असल में ये तो एक राजनैतिक मुद्दा था, जिसमें अनावश्यक रूप से वरुण गांधी के पालन-पोषण पर आक्षेप लगाया गया. ये किसी भी मां के लिये अंदर तक हिला देने वाली बात होगी, यदि उस पर आरोप लगाया जाये कि उसने बच्चे को अच्छे संस्कार नहीं दिये. मज़े की बात तो ये कि मायावती जी ने अपनी तुलना मदर टेरेसा से कर डाली!! इससे तो साफ ज़ाहिर है, कि वे अपने आप को मदर टेरेसा जितना महान समझतीं हैं!!! खैर वे कोई भी बयान दें, ये उनका अपना विवेक है,बस खयाल केवल इतना रखें कि भावनात्मक ठेस न पहुंचायें, न ही किसी महा पुरुष से स्वयं की तुलना जैसा हास्यास्पद कार्य करें.

4 टिप्‍पणियां:

  1. ‍‍नमस्कार वन्दना जी...सबसे पहले आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद....वाकई में आपने बिल्कुल ठीक लिखा है कि मायावती सुर्खियों में आने के लिए कुछ न कुछ कर ही देती हैं...जब देश में चुनाव नजदीक हों और किसी भी राजनीतिक पार्टी के पास कोई ख़ास मुद्दा न हो..तो इस तरह की बयानबाजी कोई नई बात नहीं है...

    उत्तर देंहटाएं
  2. ye neta log hai ...apani tulna kar mandir me murti bhi banwa sakte hai....par logo ke dilon me jagah banana inke liye tedhi khir hai.....
    aapne meri rachna padhi aur comment bhi kiya ...ehsaanmand hoon ...

    उत्तर देंहटाएं
  3. vandna ji... wo maya hain.. jo kar dale kam hai...
    bad me koi nahi kare shayad so apni statue lagawakar iska b intjam b wo pahle hi kiye ja rahi hain...

    aage aage dekhiye maya ki maya...

    उत्तर देंहटाएं
  4. वन्दना जी!
    माया और मेनका दोनों की ही राशि एक ही है।
    राजनीति की दोनों ही खिलाड़ी हैं।
    मामला अब सर्वोच्च न्यायालय में है।
    माया की नासमझी ने वरुण को तो
    अन्तर्राष्ट्रीय नेता बना ही दिया है।
    त्रिया हठ और न जाने क्या-क्या गुल खिलाये?
    यह तो भविष्य के ही गर्भ में है।
    राजनीति इश्क है रोता है क्या?
    आगे-आगे देखिए, होता है क्या?

    उत्तर देंहटाएं