शुक्रवार, 13 मार्च 2009

ऐसे बीती होली...........
बडा रंगीला त्यौहार है होली!!!! रंगीला?? हां..कभी था. अब तो साल दर साल रंग फीके पडते जा रहे हैं.अब तो कई साल हुए हुरियारों की टोली देखे हुए.. फागों का मौसम तो कब का बीत गया..पता नहीं कहां गये वो ईसुरी की रस भीगी फागें गाने वाले..खैर... अभी कुछ साल पहले तक अडोस-पडोस के लोग, जो उम्र में मुझ से छोटे हैं, होली पर प्रणाम करने और अबीर लगाने तो ज़रूर ही आ जाते थे,लेकिन इस बार तो उन सब का भी पता नहीं...और दिनों की अपेक्षा कुछ ज़्यादा ही सन्नाटा पसरा रहा शहर में.बीच बीच में बच्चों की कुछ टोलियां अरूर होली का अहसास दिलातीं रहीं...
त्यौहारों पर मार केवल मंहगाई की नहीं है,बल्कि तथाकथित आधुनिकता की भी है.पर्व विशेष की पारम्परिकता को यदि दरकिनार कर दिया जाये तो त्यौहार में फिर कुछ बचता ही नहीं.अब आधुनिकता के नम पर ऐसी परम्पराओं को भी खत्म किया जा रहा है,जिनसे समाज को कोई नुक्सान कभी था ही नहीं;बल्कि ये तो जीवन में रस घोलने का काम करती थीं.भारत के रीति-रिवाज़ों को समझने और समझाने में मददगार थीं.अफ़सोस की आज इन त्यौहारों की रीतियों को "रूढियां" कहने वालों की कमी नहीं है, जबकि वास्तविक रूढियां, जिन्हें जड से हटाया जाना चाहिए आज भी अपनी जगह पर मौज़ूद हैं.... कोई संकल्प है हमारे पास इन्हें मिटाने का????

8 टिप्‍पणियां:

  1. achha aapko nahi lagata ki har tyohaar kuchh isi tarah fikaa hota chala ja rahaa hai.
    holi diwali sab kuchh ab pahale ki tarah nahi rahaa.
    achhi baat kahi apane. aadhunikta hi iske pichhe hai.

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  2. आपके ब्लॉग की टैग लाइन बहुत पसंद आई !

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  3. मेरे ब्लॉग पर आ कर आपने हौसला बढाया इसका आभार , आप बहुत अच्छा लिखा रही है !

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  4. ब्लौग पर आने और तारीफ़ करने के लिये तहे-दिल से शुक्रिया.. अमिताभ जी हर त्यौहार प मुझे ये अहसास बहुत शिद्दत के साथ होता है, क्योंकि हमने अपने बचपन में इन त्यौहारों को बहुत उल्लास के साथ मनाया है; और मज़े की बात तो ये कि हमारा बचपन बीते अभी बहुत दिन नहीं हुए.लगता है कि परिवर्तन कुछ ज़्यादा ही तेज़ी के साथ हो रहे हैं.

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  5. बिल्कुल सही कहा आपने वंदना।
    आजकल त्यौहार मनाने में ना तो किसी के पास समय है ना किसी को रुचि!
    पिछले साल मुझे भी बहुत बुरा लगा था और इस विषय पर एक पोस्ट भी लिखी थी।
    आज गाँव बहुत याद आया
    ___________________________________
    ॥दस्तक॥
    गीतों की महफिल
    तकनीकी दस्तक

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  6. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  7. ब्लोगिंग जगत में स्वागत है ।
    लगातार लिखते रहने के लि‌ए शुभकामना‌एं
    भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
    लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    www.rachanabharti.blogspot.com
    कहानी,लघुकथा एंव लेखों के लि‌ए मेरे दूसरे ब्लोग् पर स्वागत है
    www.swapnil98.blogspot.com

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  8. रचना जी, संगीता जी, और सागर जी, आप सबने मेरी जो हौसला अफ़जाई की है उसके लिये धन्यवाद .सहयोग बनाये रखें, सम्पर्क भी..

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